February 5, 2023
upsc prelims me kitne marks ka hota hai

यूपीएससी क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में

दोस्तों, जैसा कि आप जानते हैं हर साल लगभग लाखों विद्यार्थी भारत की सिविल सेवाओं की परीक्षा में भाग लेते हैं। और इन सिविल सेवाओं की परीक्षा का आयोजन यूपीएससी द्वारा किया जाता है। लेकिन हम में से कई विद्यार्थी को यह जानकारी नहीं है कि यूपीएससी क्या होता है? और यूपीएससी के सिलेबस क्या है इत्यादि?

तो आइए आज के इस लेख में हम इस विषय पर चर्चा करते हैं और जानते हैं कि यूपीएससी क्या होता है? और यूपीएससी की परीक्षाओं के लिए क्या योग्यताएं निर्धारित की गई है। चलिए बिना देरी किए शुरू करते हैं।

यूपीएससी क्या होता है? (upsc kya hota hai hindi)

upsc prelims mein kitne subject hote hain

यूपीएससी भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक एजेंसी है जो कि भारत में सभी सिविल सेवाओं और सशस्त्र बलों मैं उम्मीदवारों की भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन करती है। जैसे भारतीय पुलिस सेवा प्रशासनिक सेवा भारतीय विदेश सेवा भारतीय राजस्व सेवा इत्यादि।

यूपीएससी वह एजेंसी है जो सशस्त्र बलों की परीक्षा का आयोजन करने के साथ-साथ केंद्रीय सेवाओं संवर्ग और अखिल भारतीय सेवाओं के अंतर्गत उम्मीदवारों की भर्ती करने के लिए भी जिम्मेदार है।

यूपीएससी को हम संघ लोक सेवा आयोग के नाम से जानते हैं जो सरकार के लिए सशस्त्र बलों के अंतर्गत लेवल और लेवल बी के रिक्त पदों के लिए उम्मीदवारों की भर्ती करने के लिए जिम्मेदार होती है।

यूपीएससी की स्थापना कब हुई? (upsc ki sthapna kab hua tha)

यूपीएससी की स्थापना 1 अक्टूबर 1926 को हुई थी और उस समय इसका नाम PCS रखा गया था

परंतु 26 अक्टूबर 1950 को इसका नाम बदलकर यूपीएससी कर दिया गया। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थापित किया गया है।

1926 में जब भारत में ब्रिटिश सरकार का प्रभुत्व था तब ही एक छोटे रूप में एक रॉयल सिविल सेवा रॉयल कमीशन की स्थापना की गई थी। जिसका यह नियम था कि सिविल सेवा में 40% ब्रिटिश 40%भारतीय और 20% अन्य लोगों को सिविल सेवाओं में भर्ती किया जाएगा। इसके कुछ समय बाद 1924 में यह प्रस्ताव रखा गया कि एक संघ लोक सेवा आयोग की स्थापना होनी चाहिए जिसे ब्रिटिश सरकार ने मानते हुए 1 अक्टूबर 1926 को यूपीएससी की स्थापना की।

यूपीएससी का सिलेबस क्या है? (upsc ka syllabus in hindi)

यूपीएससी द्वारा सिविल सेवाओं में कई अलग-अलग तरह की परीक्षाएं आयोजित किए जाती हैं जिसके लिए अलग-अलग सिलेबस डिजाइन किया गया है। यानी कि लगभग सभी सिविल सेवाओं से संबंधित परीक्षाओं के लिए अलग-अलग सिलेबस निर्धारित किए गए हैं।

परंतु हम यहां पर आपको एक सामान्य सिलेबस की जानकारी दे रहे हैं जो लगभग यूपीएससी द्वारा आयोजित की जा रही सभी परीक्षाओं में इस्तेमाल किया जाता है।

यूपीएससी सिलेबस को परीक्षा पैटर्न के अनुसार तीन भागों में बांटा गया है। Prelims एक्जाम,Mains एग्जाम इंटरव्यू। इन तीनों ही परीक्षाओं के लिए अलग-अलग सिलेबस है जो कि इस प्रकार है -:

  • UPSCPrelims परीक्षा

इसे हम यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा भी कहते हैं। जिसमें दो विषय शामिल हैं

  1. General Studies
  2. Aptitude Test
  • UPSC Mains परीक्षा

UPSCPrelims परीक्षा को पास करने के बाद UPSC Mains परीक्षा में उम्मीदवार बैठने के लिए तैयार होता है। इसके अंतर्गत कुल 9 विषय शामिल हैं।

  1. भारतीय भाषा
  2. अंग्रेजी
  3. निबंध
  4. भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व और समाज का इतिहास और भूगोल
  5. शासन, संविधान, राजनीति, सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंध
  6. प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
  7. जर्नल एप्टिट्यूड
  8. इसके बाद दो पेपर ऑप्शनल होते हैं जो कि उम्मीदवार द्वारा तय किए जाते हैं।

यूपीएससी परीक्षा के लिए योग्यता (upsc pariksha ke liye yogyata)

जो भी विद्यार्थी यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में बैठना चाहते हैं उनके लिए यूपीएससी द्वारा कुछ योग्यताएं निर्धारित की गई है जो कि इस प्रकार है -:

  1. शैक्षणिक योग्यता
  • आवेदक ने किसी भी स्ट्रीम से मान्यता प्राप्त बोर्ड द्वारा अपना ग्रेजुएशन पूरा किया हो।
  • आवेदक ने ग्रेजुएशन में 50% अंक प्राप्त किए हो।
  • आवेदक ग्रेजुएशन के तीसरे वर्ष में यूपीएससी की पहली परीक्षा यानी यूपीएससी PrelimsExam में बैठ सकता है। परंतु UPSC Mains Exam में बैठने के लिए Graduation complete करने की जरूरत है।
  1. उम्र सीमा
  • यूपीएससी परीक्षा में आवेदन करने के लिए आवेदक की आयु 21 वर्ष से 32 वर्ष तक होनी चाहिए।
  • कुछ पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए आयु सीमा में छूट दी गई है जैसे SC और ST वर्ग के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 37 वर्ष निर्धारित की गई है।
  • OBC वर्ग के आवेदकों के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 35 वर्ष की होनी चाहिए।

यूपीएससी प्रीलिम्स में कितने पेपर होते हैं? (upsc prelims me kitne paper hote hai)

upsc prelims me kitne questions hote hai

यूपी Prelims में केवल 2 पेपर होते हैं जिसका नाम General Studies और Aptitude है। यूपीएससी की प्रवेश परीक्षा में Objective Type Question पूछे जाते हैं, जिसे पूरा करने का समय 2 घंटे होता है।

यह दोनों प्रश्नपत्र दो 200 अंक के होते हैं। General Studies में कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं और Aptitude Test में 80 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके साथ ही इन दोनों पेपर में 1/3 की नेगेटिव मार्किंग भी की जाती है।

यूपीएससी की तैयारी में कितना खर्च आता है? (upsc ke tayari me kitne kharcha hota hai)

यदि हम सामान्य रूप से देखें तो यूपीएससी की परीक्षा में हजार रुपए से लेकर लाख रुपए तक का खर्च भी आ सकता है। क्योंकि यह कोचिंग की फीस पर निर्भर करता है।

कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो केवल कुछ ही विषयों की ऑनलाइन कोचिंग करके स्वयं पढ़ने का प्रयास करते हैं। जिसके कारण उनका खर्च बहुत ही कम लगता है।

परंतु यदि आप सभी विषयों के कोचिंग करते हैं और साथ ही किसी अन्य शहर में जाकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं तो आप का खर्चा ₹20000 से लेकर ₹100000 तक का लगता है।

कई कोचिंग विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप भी प्रदान करती है तो यदि किन्ही विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप मिल जाती है तो वह बहुत ही कम रुपए में यूपीएससी की तैयारी आसानी से कर सकते हैं।

आजकल ऐसे कई ऑनलाइन कोचिंग सेंटर खुल गए हैं जो विद्यार्थियों को घर बैठे ही यूपीएससी की तैयारी कर आते हैं जिससे कि विद्यार्थियों का बाहर रहने का खर्चा नहीं लगता।

यूपीएससी कितने साल का होता है? (upsc kitne saal ka hota hai)

यूपीएससी में कोई साल नहीं होता है। बल्कि जो भी विद्यार्थी जितने कम Attempt में यूपीएससी परीक्षा को पास कर लेते हैं वह उतने ही कम साल में किसी भी सिविल सेवा को ज्वाइन कर सकते हैं।

हालांकि एक तरीके से यह कहा जा सकता है कि यूपीएससी कम से कम 1 साल की होती है क्योंकि यूपीएससी में जो भी परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं उन्हें पूरा होने में 1 साल का समय लगता है।

यदि कोई भी विद्यार्थी केवल एक ही Attempt में सभी परीक्षाओं को क्लियर कर लेता है और इंटरव्यू पास कर लेता है तो वह एक ही साल में सिविल सेवा के किसी भी पद को ज्वाइन करने के लिए तैयार है।

UPSC में कितना रैंक होना चाहिए? (upsc me kitna rank hona chahiye)

अलग-अलग वर्गों के लिए यूपीएससी की अलग-अलग रैंक भी निर्धारित है। परंतु हम औसत की बात करें तो जर्नल कैटेगरी के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों को यूपीएससी में कम से कम 90 रन के अंदर होना आवश्यक है।

वहीं अगर हम OBC कैटेगरी की बात करें तो उन्हें 300 रैंक के अंदर आना आवश्यक है। परंतु SC/ ST कैटेगरी वाले विद्यार्थियों के लिए 450 तक की रैंक रखी गई है।

यूपीएससी की फीस कितनी है? (upsc ki fees kitni hoti hai)

यदि हम बात कर रहे हैं यूपीएससी परीक्षा में आवेदन करने की फीस की तो यह सामान्य वर्ग वालों के लिए ₹100 है। परंतु एससी एसटी वर्ग वालों के लिए ₹0 है। यानी कि उन्हें परीक्षा में बैठने के लिए कोई भी फीस नहीं चुकानी पड़ती है।

परंतु अगर हम यह बात कर रहे हैं कि यूपीएससी कोचिंग की फीस कितनी होती है तो अलग-अलग कोचिंग इंस्टिट्यूट की फीस अलग-अलग निर्धारित की जाती है। सामान्य तौर पर लगभग सभी कोचिंग सेंटर की फीस ₹100000 से ₹500000 तक होती है।

निष्कर्ष

आज की इस लेख में हमने जाना कि यूपीएससी क्या होता है? उम्मीद है कि इस लेख के माध्यम से आपको यूपीएससी संस्था के बारे में कई अलग प्रकार की जानकारियां मिल पाई होंगी। यदि आप इसी प्रकार के और जानकारियां पाना चाहते हैं तो कृपया हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताएं।

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